बिजली चोरी का सबसे बड़ा अड्डा बनी रोशनाबाद की ये अवैध कालोनियाँ,जहाँ दिन ढलते ही हट जाते है लोगों के मीटर,
हरिद्वार / प्रशासन के नजदीक चल रहे बिजली चोरी के इस खेल से भले ही उत्तराखण्ड सरकार अनजान हो लेकिन प्रशासन अनजान नही हो सकता,क्योंकि जिस क्षेत्र मे बिजली चोरी का ये तांडव मचा है वो क्षेत्र हरिद्वार जिलाधिकारी के निवास व कार्यालय दोनों के बिलकुल नजदीक है या यूँ कहें की हरिद्वार जिला मुख्यालय की नाक नीचे ही बिजली चोरी का बड़ा खेल धड़ल्ले से खेला जा रहा है,जिस कारण क्षेत्र मे बिजली व्यवस्था भी चरमरा चुकी है,हालाकी बिजली विभाग अगर चाहे तो क्षेत्र मे सुचारु व नियमित छापेमारी कर चोरो पर लगाम कशने मे कामयाब हो सकता है,क्योंकि पिछले वर्ष बिजली विभाग द्वारा ऐसे लोगों पर कार्यवाही की गई थीं जो बिजली चोरी कर सरकार को करोड़ों की हानि पहुंचा रहे थे,इतना ही नही बिजली विभाग के इस कार्य की चारों ओर तारीफ़ भी हुई थीं,बता दें की ज़ब ये कार्यवाही हुई थीं तो क्षेत्र मे लगभग 70% बिजली चोरी बंद हो चुकी थीं,लेकिन दुर्भाग्य की वो कार्यवाही बंद होने के कुछ माह बाद अब इन क्षेत्रों मे पहले से अधिक लगभग 95% चोरी होने लगी है, सबसे मेहत्तवपूर्ण बात ये है की बिजली चोरी करने वालें ये वही लोग है जो बाहरी राज्यों से आकर बिल्डिंगे बनाकर यहाँ किराएदारी का व्यापार कर रहे है,जिस कारण यहाँ के स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है,चूंकि स्थानीय लोग अधिकतर ईमानदारी से मीटर पर बिजली का प्रयोग कर रहे है,
सिडकुल के पास जितनी भी नई कॉलोनीय है वो चाहे सूर्य विहार हो या शिवम विहार या फिर जामा मस्जिद के पास छोटा पाकिस्तान नाम से फेमस हो रही अवैध कालोनी हो, इन कालोनीयों मे धड़ल्ले से बिजली चोरी का खेल चल रहा है,बड़े स्तर पर बाहरी लोगों द्वारा किराया वसूली के लिए बड़ी बड़ी बिल्डिंगे बना कर किराए का व्यापार किया जा रहा है ओर इन्ही बिल्डिंगो की अगर बात करें तो लगभग 95% बिल्डिंगो मे पूर्ण रूप से बिजली चोरी कर बिजली विभाग को लाखों रूपये का चूना हर माह लगाया जा रहा है,
सांय 6 बजे से लेकर सुबह 9 बजे तक इन बिल्डिंगो मे तारों पर कटुवे डल जाते है उसके बाद इन बिल्डिंगो मे बिजली चोरी कर हीटर,बड़े कूलर,यहाँ तक की एसी ओर प्रेस भी धड़ल्ले से चलाई जाती है,लेकिन इन कालोनीयों मे बिजली विभाग की ओर से कभी कोई बड़ी कार्यवाही आज तक नही हुई,जबकि बिजली विभाग को आवश्यकता है की इन बिजली चोरो पर छापेमारी कर चोरी को रोका जाए,
