सट्टे और शराब की गिरफ्त में सिडकुल का बिरहमपुरी रावली मेहदूद,रोशनबाद क्षेत्र का भी बिगड़ता माहौल—जिम्मेदार कौन?
HARIDWAR CRIME NEWS
हरिद्वार के औद्योगिक क्षेत्र सिडकुल के अंतर्गत आने वाले बिरहमपुरी और रावली मेहदूद क्षेत्र इन दिनों सट्टे और अवैध शराब के बढ़ते जाल में जकड़ते जा रहे हैं। कभी शांत और श्रमिक बहुल इलाका माना जाने वाला यह क्षेत्र अब असामाजिक तत्वों की गतिविधियों का केंद्र बनता जा रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों में गहरी चिंता और आक्रोश व्याप्त है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गली-गली में सट्टे का खेल खुलेआम संचालित हो रहा है। दिन हो या रात, कुछ खास ठिकानों पर लोगों की भीड़ जुटती है और पैसों का अवैध लेन-देन चलता है। वहीं, अवैध शराब की बिक्री भी बिना किसी डर के जारी है। कई जगहों पर तो नाबालिग युवाओं को भी इस दलदल में धकेला जा रहा है, जिससे पूरे समाज का भविष्य खतरे में पड़ता नजर आ रहा है।
इस बढ़ती अव्यवस्था का सबसे बड़ा असर क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर देखने को मिल रहा है। आए दिन झगड़े, चोरी, मारपीट और अन्य आपराधिक घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। महिलाएं और बुजुर्ग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। बच्चों का माहौल भी तेजी से खराब हो रहा है, जहां शिक्षा और संस्कार की जगह अपराध और लत अपना प्रभाव दिखा रहे हैं।
( दूसरी और सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार प्रसाशनिक भवन के बिलकुल नजदीक ग्राम रोशनबाद पाल मार्केट मे एक शराब माफिया विक्रम द्वारा धड़ल्ले से अवैध शराब बिक्री का कारोबार बड़े स्तर पर पिछले काफी समय से किया जा रहा है रोशनबाद क्षेत्र मे अवैध शराब बिक्री करना सीधे सीधे निकट बैठे प्रशाशन को चुनौती देना ही है,)
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इस सबके लिए जिम्मेदार कौन है? क्या स्थानीय प्रशासन इन गतिविधियों से अनजान है, या फिर जानबूझकर आंखें मूंदे बैठा है? लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, जिससे असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हैं।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो हालात और भी बदतर हो सकते हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेता है, या फिर बिरहमपुरी और रावली मेहदूद के लोग यूं ही सट्टे और शराब के साये में जीने को मजबूर रहेंगे।
