सट्टा,शराब ओर स्मैक कि गिरफ्त मे हरिद्वार,हर कि पौड़ी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक हाहाकार,आखिर किसका हाथ हैं इन माफियाओं पर?
HARIDWAR CRIME NEWS
धर्मनगरी हरिद्वार पर आखिर कैसे लग गया यें ग्रहण जो आस्था के इस केंद्र मे अब सट्टा,शराब ओर स्मैक का तांडव सिर चढ़कर बोल रहा हैं,आखिर क्यों धर्म नगरी के कोने कोने अब शराब सट्टे के नाम से जाने लगे हैं, दूर दराज ग्रामीण क्षेत्रों मे जीतने बुरे हालात बन रहे हैं उस से बुरे हालात तो अब हरिद्वार माँ गंगा के किनारे ही होने लगे हैं,जहाँ मैदानी क्षेत्रों मे अवैध अतिक्रमण कर रही झोपड़ियाँ ओर आस पास उगी झाड़ियां अब चर्चाओं का विषय बन रही हैं,जहाँ चुपके चुपके चोरी चोरी का खूब खेला चल रहा हैं,
गंगा किनारे न जाने ऐसी कितनी झोपड़ियाँ ओर झाड़ियां हैं जिनकी आड़ मे आज शराब सट्टे का कारोबार तरक्की दर तरक्की पर हैं,लेकिन न जानें क्यों इन पर न तो बड़ी कार्यवाही हैं ओर न विराम लग रहा हैं,अवैध शराब ओर सट्टे के इस तांडव पर सवाल खडे होने लाजमी हैं जहाँ एक ओर उत्तराखण्ड मुख्यमंत्री राज्य को नशामुक्त बनाने कि मुहीम पर हैं तो वहीं माफिया भी इस मुहीम को चुनौती पर चुनौती दे रहे हैं,ऐसा लग रहा हैं कि मानो जैसे जैसे राज्य को अपराध मुक्त करने कि मुहीम चलाई जा रही हैं,तो वहीं दूसरी ओर माफिया भी शराब,सट्टे ओर स्मैक उत्तराखण्ड मे घर घर पहुँचाने कि योजना बना चुके हैं
