सलेमपुर की नदी बन रही खनन माफियाओं का अड्डा, प्रशासन की खामोशी पर उठ रहे सवाल, आखिर क्यों है इतने बेखौफये खनन माफियाँ, ओर क्यों बच निकले है किसी भी कार्यवाही से पहले,

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HARIDWAR CRIME NEWS 

हरिद्वार, 13 सितम्बर।
हरिद्वार जिले के सलेमपुर गांव की नदी इन दिनों अवैध खनन का गढ़ बन रही है। जहाँ दिन-दहाड़े चल रहे इस गैरकानूनी कारोबार ने स्थानीय लोगों को चिंता में डाल दिया है। बालू माफिया के हौसले इतने बुलंद हैं कि ट्रैक्टर-ट्रॉली और मशीनों से खुलेआम नदी का सीना छलनी किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और प्रशासनिक अमला सिर्फ खानापूर्ति तक ही सीमित नजर आ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध खनन से जहां पर्यावरण को गंभीर खतरा पैदा हो रहा है, वहीं नदी का अस्तित्व भी संकट में है। रेत और बालू के अंधाधुंध दोहन से नदी का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ रहा है, जिससे भविष्य में बाढ़ और भू-स्खलन जैसी आपदाओं का खतरा और बढ़ सकता है।
स्थानीय लोगों ने कई बार इस मुद्दे को प्रशासन के सामने उठाया, मगर कार्रवाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाई जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि खनन माफिया और प्रशासन की मिलीभगत से यह कारोबार फल-फूल रहा है। अगर अवैध खनन पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले समय में न सिर्फ पर्यावरणीय संकट गहराएगा, बल्कि स्थानीय किसानों और ग्रामीणों की आजीविका पर भी गहरा असर पड़ेगा।
अब सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक खनन माफिया इस तरह खुलेआम नियम-कायदों को ताक पर रखकर प्राकृतिक संसाधनों की लूट करते रहेंगे? और कब तक जिम्मेदार विभाग आंख मूंदे बैठकर इस पर्यावरणीय अपराध पर चुप्पी साधे रहेंगे?

स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि खनन माफिया इतना ताक़तवर हो गया है कि ग्रामीण विरोध करने से भी कतराने लगे हैं। सवाल उठ रहा है कि आखिर इन खनन माफियाओं पर लगाम क्यों नहीं लग रही? क्या इनके पीछे कोई राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण है?
ग्रामवासी अब सरकार और जिला प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि तुरंत प्रभाव से अवैध खनन को रोका जाए और माफियाओं पर कड़ी कार्यवाही की जाए, ताकि गाँव का पर्यावरण और शांति बची रह सके।

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