स्पा व मसाज पार्लरों की नगरी बन चुका रुड़की, कभी शिक्षा की पहचान वाला ये शहर अब सवालों के घेरे में,आखिर कहाँ से आ गए इतने स्पा संचालक, क्यों नहीं लग पा रही कोई लगाम?

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HARIDWAR CRIME NEWS

रुड़की, जो कभी अपनी शिक्षा, इंजीनियरिंग और शोध संस्थानों की वजह से जाना जाता था, आजकल एक अलग ही पहचान के लिए सुर्खियों में है। शहर में अचानक बढ़े स्पा और मसाज पार्लरों ने हालात बदल दिए हैं। दर्जनों की संख्या में खुले ये पार्लर अब शहर की छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।
लोग पूछ रहे हैं कि आखिर प्रशासन ने इतनी संख्या में स्पा खोलने की अनुमति कैसे ओर किस आधार पर दी, ओर अगर दी भी है तो इन पर नियंत्रण क्यों नहीं हो पा रहा है?

शिक्षा नगरी से स्पा नगरी तक का सफर  

रुड़की का नाम आते ही पहले आईआईटी, बीएचईएल, और देश-विदेश से पढ़ने आने वाले छात्रों का शहर दिमाग में आता था। यहां की सड़कों पर छात्र जीवन की रौनक और पुस्तकालयों की भीड़ दिखाई देती थी। लेकिन आज हालात बदल चुके हैं। मुख्य बाजारों से लेकर आवासीय इलाकों तक स्पा और मसाज पार्लर तेजी से फैलते जा रहे है,
लोग कहते हैं कि शहर का “एजुकेशन हब” से “स्पा हब” बन जाना चिंताजनक है।
क्रॉस मसाज पर सबसे बड़े सवाल….
सबसे बड़ा विवादास्पद पहलू है क्रॉस मसाज की अनुमति। आखिर कौन सा विभाग इसे नियंत्रित कर रहा है और किसके आदेश से इस तरह की सुविधाओं को खुली छूट मिली हुई है? जानकारों का कहना है कि “क्रॉस मसाज” सिर्फ कागज़ों पर प्रतिबंधित दिखता है, लेकिन हकीकत में कई पार्लर इसी धंधे पर चलते हैं।यह सिर्फ नैतिक और सामाजिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि कानूनी रूप से भी संदेह के घेरे में आता है।

गुप्त जाँच की सख्त ज़रूरत…….

लगातार बढ़ते स्पाओं के कारण अब वो समय भी आ चूका है ज़ब प्रशासन को समय-समय पर इन पार्लरों की गुप्त जाँच करनी चाहिए। अभी तक की कार्रवाई सिर्फ औपचारिकता भर दिखती है।
कई बार यह देखने को मिला है कि जांच के नाम पर सूचना लीक हो जाती है और कार्रवाई से पहले ही संचालक पार्लर को बंद कर देते हैं। इससे सवाल उठता है कि आखिरकार इनकी जाँच निष्पक्ष और ठोस क्यों नहीं हो पा रही।

संचालकों और थेरेपिस्टों की भी हो आवश्यक विभागीय जांच

शहर में खुले इन पार्लरों के संचालक आखिर है कौन ओर कहाँ तक फैली है इनकी मजबूत जडें.? उनका बैकग्राउंड क्या है? और थेरेपीस्ट कहाँ से लाई जा रही हैं? इस पर भी प्रशासन मौन है। कई मामलों में बाहर के राज्यों से युवतियाँ बुलाकर पार्लर में काम कराया जा रहा है।ना तो वे सर्टिफाइड थेरेपिस्ट है ओर ना ही उनके पास कोई शिक्षा व योग्यता,
अगर सही विभागीय जांच हो तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं। लोगों का कहना है कि यह केवल मसाज का कारोबार नहीं, बल्कि इससे जुड़ी कई और परतें भी हैं जिन पर से पर्दा उठाना बाकी है।

शहर की छवि और युवाओं पर असर…

इस तरह के पार्लरों की बढ़ती संख्या से शहर की छवि पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। माता-पिता अब अपने बच्चों को लेकर चिंतित हैं। युवाओं में गलत लत लगने का डर भी बढ़ रहा है।रुड़की जैसे शिक्षा और अनुसंधान केंद्र के लिए यह गंभीर स्थिति है। अगर समय रहते कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में शहर की पहचान पूरी तरह बदल जाएगी।

आखिर क्या है प्रशासन की जिम्मेदारी….

लोगों की सीधी मांग है कि जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम मिलकर इस पर ठोस कदम उठाएँ।स्पा और मसाज पार्लरों का पंजीकरण रद्द किया जाए यदि वे नियमों के विपरीत पाए जाएँ।
इतना ही नही क्रॉस मसाज पर तत्काल रोक लगाई जाए।प्रत्येक पार्लर की गुप्त जाँच समय-समय पर की जाए।संचालकों और कर्मचारियों की पूरी विभागीय व पुलिस वेरिफिकेशन प्रक्रिया अनिवार्य की जाए।

रुड़की शहर की शान उसकी शिक्षा है, न कि ऐसे पार्लर जो विवाद और संदेह को जन्म देते हैं। अब समय है कि प्रशासन अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाए और इस “स्पा नगरी” को फिर से “शिक्षा नगरी” की ओर लौटाए।

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