तमिलनाडु के मंत्री एस उदय निधि स्टालिन युवा कल्याण एवं खेल विकास मंत्री को भेजा कानूनी नोटिस,जानिये कौन हैं ये वकील ओर क्या हैं पूरा मामला

0

NEWS NATIONAL

हिन्दू धर्म सबसे प्राचीन माना जाता हैं ओर इतिहास गवाह हैं कि सनातनी हिन्दू इसकी रक्षा के लिए बलिदान देते आये हैं जहाँ लोग इसकी रक्षा तन मन धन से करते हैं तो वहीं ऐसे लोगों कि भी कमी नही जो हिन्दू होकर अपने ही धर्म पर कुठाघाट करते चले आ रहे हैं ऐसे लोगों कि अगर हम बात करें तो ये आम जनता के लोग नही बल्कि वे लोग हैं जो वोट के लिए कहीं अपना जमीर बेच देते हैं तो कहीं अधर्मी बन अपने ही धर्म को मोहरा बना देते हैं,ऐसा ही एक मामला तमिलनाडु से प्रकाश मे आया हैं जहाँ एक मंत्री नें कुछ ऐसे ही शब्द बोल दिये जिस कारण अब उन्हें हरिद्वार न्यायालय से जारी हुए नोटिस का जवाब देना होगा,

सनातन धर्म को खत्म करने के लिए लोगों को उकसाने की बाबत दिए गए बयान के लिए हरिद्वार के कमल भदौरिया एल एल बी अध्यनरत निवासी जगजीतपुर व पंडित सौरभ शुक्ला मक्खन चखन की हवेली व  रेखा पांडे, पंडित सागर वशिष्ठ व अश्विनी कश्यप एल एल बी अध्यनरत के द्वारा अपने अधिवक्ता अरुण भदोरिया एडवोकेट के माध्यम से तमिलनाडु के मंत्री एस उदय निधि स्टालिन युवा कल्याण एवं खेल विकास मंत्री को कानूनी नोटिस भेजा है, उस नोटिस में 48 घंटे के अंदर अंदर पूरे हिंदुस्तान से व समस्त विश्व के सनातन धर्म के मानने वालों से क्षमा याचना करने के लिए चेतावनी दी गई है स्टालिन ने हाल में ही जिम्मेदार पद पर रहते हुए एक प्रोग्राम सनातन उन्मूलन सम्मेलन में कहा कि मुझे विशेष संबोधन देने का मौका देने के लिए इस सम्मेलन के आयोजनों को मैं शुक्रिया कहता हूं सम्मेलन का नाम इन्होंने सनातन विरोधी सम्मेलन की बजाए सनातन उन्मूलन सम्मेलन रखने के लिए जोर दिया और उसकी तारीफ की, अपने भाषण में एस उदय निधि स्टालिन ने कहा कि कुछ चीजों का विरोध करना संभव नहीं है उनको खत्म कर देना चाहिए सनातन धर्म की तुलना डेंगू ,मलेरिया जैसी बीमारी से करते हुए घिनौना व घृणित बयान इनके द्वारा दिया गया ,नोटिस में यह भी बताया गया यह इन मंत्री महोदय की घिनौनी मानसिकता को दर्शाता है इन्होंने न सिर्फ सनातन धर्म की तुलना एक बीमारी से की बल्कि इसे पूरी तरह खत्म करने की बात भी कही, सनातन धर्म को खत्म करने के लिए लोगों को भड़काऊ भाषण देते हुए देश में दंगे कराए जाने की नीयत से लोगों को उकसाया गया और यह भी कहा कि हम डेंगू ,मलेरिया, मच्छर या करोना का विरोध नहीं कर सकते हैं हमें इसको मिटाना है ऐसे ही हमें सनातन को मिटाना है सनातन का विरोध करके उसे खत्म करना चाहिए, सनातन नाम संस्कृत से आया है यह सामाजिक न्याय और समानता का विरोधी है ।सनातन धर्म के बारे में अपने नोटिस में यह भी जानकारी दी गई की सनातन का अर्थ है सदा बने रहना जिसका ना आदि है ना अंत है जो किसी समय पूरे भारतीय उपमहाद्वीप तक व्यापट रहा है और एक समय में तो सनातन धर्म विश्व व्यापत रहा है परंतु विभिन्न कारणों से भरी धर्मांतरण के उपरांत भी विश्व के इस क्षेत्र की बहुसंख्यक जनसंख्या इसी धर्म में आस्था रखती है ।सनातन धर्म इसे हिंदू धर्म या वैदिक धर्म भी कहा जाता है सनातन धर्म कितना प्राचीन है कि भारत की सिंधु घाटी सभ्यता में हिंदू धर्म के कई चिन्ह मिलते हैं इनमें मातृ देवी की शक्ति मूर्तियां शिव पशुपति जैसे देवता की मुद्राएं ,पीपल की पूजा आदि प्रमुख है जिसकी जानकारी मंत्री महोदय को उच्च शिक्षा ग्रहण किए जाने के कारण भली भांति है इसके बावजूद एस उदय निधि स्टालिन ने जानबूझकर लोगों को उत्साह कर भड़काऊ भाषण देकर देश में दगे करने का माहौल बनाकर सनातन धर्म वालों की धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर ठेस पहुंचाई है नोटिस में 48 घंटे के अंदर अंदर पूरे देश हिंदुस्तान से और समस्त विश्व के सनातन धर्म के मानने वालों से अपने घिनौना अभद्रतापूर्ण बयान की बाबत क्षमा याचना करने के लिए चेतावनी दी गई है साथ ही माफी मांगने के लिए कहा गया है की माफी मांगने के कृत्य की बाबत सोशल मीडिया में प्रशासन करें और नोटिस के अनुपालन में यदि कार्रवाई नहीं की गई तो हरिद्वार की कोर्ट में सक्षम न्यायालय में सक्षम धाराओं में मुकदमा दायर किया जाएगा नोटिस स्टालिन को भेज दिया गया है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed