बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे कथित कत्लेआम को रोकने के लिए भारत सरकार उठाए ठोस कदम —जानिये कौन है राष्ट्रीय सूफीसंत फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नौशाद अली साबरी जिन्होंने उठाई आवाज,
HARIDWAR CRIME NEWS
HARIDWAR / राष्ट्रीय सूफीसंत फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नौशाद अली साबरी ने बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के साथ हो रही कथित हिंसा और अत्याचारों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए भारत सरकार से इस मामले में ठोस और प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
नौशाद अली साबरी ने कहा कि इस्लाम की मुकद्दस किताब कुरान-ए-करीम में साफ तौर पर इंसानियत, अमन और भाईचारे का पैग़ाम दिया गया है। कुरान में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि किसी एक निर्दोष इंसान की नाहक हत्या पूरी इंसानियत की हत्या के समान है। इसके बावजूद बांग्लादेश में कुछ कट्टरपंथी और शिद्दतपसंद संगठन धर्म की आड़ में इस्लाम की इंसानियत से लबरेज़ शिक्षाओं को तार-तार करते हुए हिंदू भाइयों के खिलाफ जुल्म, हिंसा और कत्लेआम जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, जो अत्यंत निंदनीय और शर्मनाक है।
उन्होंने कहा कि सबसे दुखद और चिंताजनक पहलू यह है कि बांग्लादेश की मौजूदा सरकार इन घटनाओं को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही है। सरकार की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है और ऐसा प्रतीत होता है कि शिद्दतपसंद तत्वों को अप्रत्यक्ष रूप से संरक्षण मिल रहा है। यह स्थिति न केवल बांग्लादेश की सामाजिक एकता के लिए खतरनाक है, बल्कि पूरे क्षेत्र में शांति और सौहार्द के लिए भी गंभीर खतरा बन सकती है।
राष्ट्रीय सूफीसंत फाउंडेशन इंसानियत को कुचलने वाली हर तरह की कट्टरता और नफरत के खिलाफ है। संगठन बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर योजनाबद्ध तरीके से हो रहे कथित अत्याचारों और हिंसा की कड़े शब्दों में निंदा करता है।
नौशाद अली साबरी ने भारत सरकार से मांग की है कि वह कूटनीतिक स्तर पर हस्तक्षेप करते हुए बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाए, ताकि वहां अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि इंसानियत और धार्मिक सौहार्द की रक्षा के लिए अब केवल बयानबाज़ी नहीं, बल्कि ठोस और निर्णायक कदम उठाने की जरूरत है।
