दो पार्टनर मेडिकल संचालको द्वारा रोशनाबाद हेल्थ केयर पर 10 साल के बच्चे से बिकवाई जा रही एक्सपायरी डेट की शामनग्री, जानिये कौन है यें दो पार्टनर नफीस व अंकुश जो कर रहे लोगों की जान से खिलवाड़,

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Haridwar crime News

रोशनाबाद स्थित मेडिकलों पर अब आलम यें हो चूका है की गरीब व मजदूर लोगों की जान से खुलेआम खिलवाड़ होने लगा है, बता दें की कल रात एक गरीब मजदूर रोशनाबाद नफीस डॉक्टर के मेडिकल पर कॉन्डम लेने पहुँच जाता है,
लेकिन मेडिकल पर न तो डॉक्टर नफिश उपस्थित होते है ओर न ही उनका पार्टनर अंकुश, बल्कि यहाँ कोई वैध फार्मासिस्ट भी नही ,  मेडिकल पर इनका ही परिचित कोई बच्चा दवा की बिक्री कर रहा था,
बता दें की जिस तरह से इन लोगों के मेडिकल पर एक्सपायरी सामान की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है उससे यह कहना गलत नही होगा की, यहाँ ओर भी बहुत से ऐसे प्रतिबंधित कार्य हो रहे होंगे जो गैरकानूनी है,.
यें सारा का सारा खेल रोशनाबाद उस प्रसाशनिक भवन के नीचे चल रहा है जहां जनपद का तमाम आला अधिकारी दफ़्तरों मे भी बैठता है ओर यही निवास भी करता है,

क्या होंगी इन मेडिकल पार्टनरों पर कार्यवाही?

जिस प्रकार इस मेडिकल पर ग्राहक के साथ धोखा हुआ है, उस से साफ हो जाता है की इन डॉक्टर महोदय कों निकट बैठे न तो प्रसाशन का डर है ओर न ही स्वाथ्य विभाग का, इतना ही नही इन लोगों की योग्यता क्या है इन पर क्या डिग्री है उसकी जांच होना भी आवश्यक है, सूत्रों की अगर माने तो इस मेडिकल पर ओर भी बहुत से अवैध कार्य होते है जिनकी जांच होना आवश्यक है, किसके नाम पर मेडिकल है? कौन संचालन कर रहा है? कौन क्लिनिक चला रहा है? कुल मिलाकर यहाँ एक बड़ा झोलमेल चल रहा है

क्या कहते है मामले कों लेकर BUMS नफिस के पार्टनर डॉक्टर CMSED अंकुश,

CMSED अंकुछ का कहना है की इस मेडिकल व क्लिनिक पर वे दो पार्टनर है उनके दूसरे पार्टनर नफीस जोकि BUMS है उनके साथ मिलकर इस मेडिकल व क्लिनिक कों चलाते है उनके द्वारा बताया गया की वो शहर के बाहर है, ओर इस बड़ी गलती के कारण वो माफ़ी मांगते है,जबकि कल रात्रि की इस घटना कों देखते हुए स्पस्ट होता है की इन दोनों पार्टनरो मे यहाँ कोई उपस्थित होता ही नही, मेडिकलो पर 100,50 रूपये रात्रि के समय किसी भी व्यक्ति कों देकर उनसे दवायें बिकवाई जाती है,

पुलिस द्वारा इस क्षेत्र मे लगातार कार्यवाही होने के बाद भी इस तरह के अयोग्य लोग यहाँ क्लिनिक ओर मेडिकल खोल लोगों की जान के साथ खेल रहे है, जिस से स्वाथ्य विभाग की मिलीभगत स्पस्ट नजर आ रही है, जांच मे क्यों इस तरह के लोग बचकर निकल जाते है यें तो सवाल है ही साथ मे यह भी देखना होगा की अब आगे इन पर क्या क्या कानूनी कार्यवाही हो पाती है,

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