रोशनाबाद की घटना, मेडिकल संचालक की करतूत, धड़ल्ले से बेच रहा था उन कॉन्डमो कों जो कई साल पहले हो चुके एक्सपायर
HARIDWAR CRIME NEWS
रोशनाबाद मे झोलाछाप डॉक्टरों ओर अवैध मेडिकलों की करतूत रुकने का नाम नही लें रही, आये दिन यहाँ झोलाछाप डॉक्टर मरीजों, ग्राहकों ओर उनके परिवार के जीवन के साथ खिलवाड़ करने से बाज नही आ रहे, पहले भी इन झोलाछाप डॉक्टरों व अवैध क्लिनिकों के हाथों यहाँ कईं जाने जा चुकी है, लेकिन न जाने क्यों स्वास्थ्य विभाग मौन व्रत धारण कर इन पर मेहरबान नजर आ रहा है,यहाँ से स्वास्थ्य विभाग की दूरी मात्र एक किमी है, उसके बावजूद यहाँ अवैध मेडिकलों व झोलाछाफ डॉक्टरों की भरमार है,
बता दें की कल फिर यहाँ इन मेडिकलों की हरकत के कारण एक बिजनौरी किराएदार के परिवार मे इजाफा हो सकता था, मामला रोशनाबाद मे स्थित रोशनाबाद हेल्थ केयर क्लिनिक व मेडिकल का है जहाँ से एक बिजनौरी किराएदार कॉन्डम खरीद लेता है, लेकिन ज़ब उसकी नजर उसके रेपर पर पड़ी तो इसका दिमाग घूम जाता है कॉन्डम 2019 मे ही एक्सपायर हो चूका था लेकिन फिर भी इस ग्राहक कों बेच दिया, यह देख ग्राहक ने मेडिकल पर ही हंगामा काट दिया, जिसके बाद मेडिकल संचालक ने अपनी पोल खुलते देख इस ग्राहक से पैकेट वापस ले लिया ओर दूसरा पैकेट हाथ मे थमा दिया,
इतना ही नही हंगामे के बाद आगे की कार्यवाही से बचने के लिये मेडिकल संचालक ने सभी एक्सपायरी डेट के कॉन्डम ओर दवाइयाँ तुरंत मेडिकल से बाहर भेजनें मे ही भलाई समझी,
सूत्रों की अगर माने तो रोशनाबाद हेल्थ केयर नाम के इस मेडिकल पर वे सभी दवाएं भी गुप्त रूप से बेचीं जाती है जो पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है, ओर जो दवाएं एक्सपायर हो जाती है उन्हें भी ग्राहक की हालत देखकर उसे बेच दिया जाता है, इस मेडिकल पर पहले से ही ग्राहकों कों एक्सपायरी डेट की दवायें बेचीं जा रही है
इस घटना कों लेकर क्या कहता है मेडिकल संचालक,
ज़ब मेडिकल संचालक से इस घटना के बारे मे जानने का प्रयास किया तो उसने पूरा मामला, किसी बच्चे पर थोप दिया, उसका कहना था की जिस समय वह ग्राहक कॉन्डम लेने आया तो उस समय मेडिकल का संचालन बच्चा कर रहा था, यानि किसी बच्चे ने उस ग्राहक के हाथ मे एक्सपायरी डेट का कॉन्डम थमा दिया, मेडिकल संचालक के इस बयान से यह भी स्पस्ट हो गया की उसके मेडिकल पर बच्चे भी दवाए बेच रहे है,
उत्तराखण्ड सरकार ने क्या सिर्फ कुर्सियां तोड़ने के लिये रखा है स्वास्थ्य विभाग,
उत्तराखण्ड राज्य मे कुछ विभाग ऐसे है जिन्हे सरकार मुफ्त का वेतन दे रही है, जिनमे से एक विभाग स्वास्थ्य का भी है, स्वास्थ्य विभाग एक ऐसा विभाग है जिसे मुख्यमंत्री की 2025 नशामुक्त मुहीम से कोई लेना देना नही, हालाकी हरिद्वार पुलिस इस मुहीम कों साकार ओर सफल बनानेके लिये दिन रात कड़ी मेहनत कर रही है,
क्या स्वास्थ्य विभाग कों सिर्फ कुर्सीयाँ तोड़ने के लिये ही रखा गया है, स्वास्थ्य विभाग की नाक नीचे ज़ब अवैध मेडिकल, अवैध क्लिनिक, झोलाछाफ डॉक्टर बेलगाम होकर मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे है, तो दूर दराज के क्षेत्रोंम क्या दुर्दशा होंगी इसका अंदाजा लगाना भी कोई बड़ा काम नही,
