रोशनाबाद मे अवैध खनन का बदस्तूर जारी,रात के अंधेरे में नदियों मे दौड़ रही जेसीबी और ट्रेक्टर, खनन विभाग कि मिलीभगत से राजस्व चोरी का बड़ा खेल,
HARIDWAR CRIME NEWS
रोशनबाद,नवोदय नगर से हेत्तमपुर तक नदियों में दौड़ रही जेसीबी और ट्रैक्टर, विभागीय मिलीभगत के आरोपों से उठे गंभीर सवाल
रोशनाबाद। क्षेत्र में अवैध खनन पर रोक लगाने के प्रशासन के दावों के बीच रोशनाबाद और आसपास के इलाकों में रात के अंधेरे में खनन गतिविधियां जारी रहने के आरोप सामने आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नवोदय नगर की बरसाती नदी हो या हेत्तमपुर की बड़ी नदी, रात होते ही खनन का कारोबार सक्रिय हो जाता है।
आरोप है कि रात करीब 8 बजे से सुबह 5 बजे तक नदी क्षेत्रों में जेसीबी मशीनों और ट्रैक्टरों की आवाजाही जारी रहती है। अंधेरे का फायदा उठाकर नदी से रेत, बजरी और अन्य खनिज सामग्री निकाले जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
सबसे गंभीर सवाल यह है कि हरिद्वार के प्रशासनिक भवन से कुछ ही दूरी पर यदि खनन गतिविधियां संचालित होने के आरोप लग रहे हैं, तो जिम्मेदार विभागों की निगरानी व्यवस्था आखिर कितनी प्रभावी है?
क्षेत्र में सिडकुल नदी से लेकर ग्रामीण इलाकों की नदियों तक खनन गतिविधियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई स्थानों पर रात के समय मशीनें और ट्रैक्टर सक्रिय रहते हैं, लेकिन इन गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं देती।
आखिर कार्रवाई क्यों नहीं?
यदि रात के समय नदियों में जेसीबी और ट्रैक्टरों की आवाजाही की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि खनन विभाग और प्रशासन की निगरानी टीमों को इसकी भनक क्यों नहीं लगती?
क्या विभाग के पास रात में होने वाली खनन गतिविधियों की निगरानी की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं है?
क्या संवेदनशील नदी क्षेत्रों में नियमित गश्त होती है?
और यदि होती है, तो फिर रात के अंधेरे में मशीनें और वाहन नदी क्षेत्रों तक कैसे पहुंच रहे हैं?
स्थानीय लोगों की मांग है कि नवोदय नगर, हेत्तमपुर और सिडकुल क्षेत्र की नदियों में रात के समय विशेष जांच अभियान चलाया जाए, मशीनों और खनन वाहनों की जांच की जाए तथा यदि कहीं अवैध खनन पाया जाता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
